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मेरे गांव में शिक्षा के आयाम


आज के समय में शिक्षा के बिना कुछ भी संभव नहीं है ओर अब शिक्षा के आयाम भी बदल रहे है ।
टेक्नोलोजी ओर कम्प्यूटर के साथ शिक्षा के बदलते रूप नजर आ रहें है ओर आने भी चाहिये।
में यहाँ बालिका शिक्षा पर थोड़ा सा ध्यान देना चाहूंगी
मेरे गांव में बालिका शिक्षा》
मेरे गांव में बालक-बालिकाओं  को एक समान ही महत्व दिया जाता हैं, ओर सभी शिक्षित जानते हैं की आज के समय में बेटा बेटी एक समान है ।
पर है तो गाँव ही ओर गांव में लोगों कि सोच कही ना कही पीछे ही है पर वो अपने आप को सही ठहराते है।
 उनको लगता हैं लड़की को सेकेंडरी करवा दी तो बहुत हैं, किन्हीं को लगता हैं सीनियर सेकेंडरी ही बहुत हैं
ओर यह भी सच है की कुछ तो लड़की को पढ़ाना भी जरूरी नहीं समझते ।
अब बात शिक्षित परिवार की यहाँ पर यह सबसे बड़ा सच हैं की यहाँ पर लड़की की शिक्षा पर ध्यान दिया जायेगा, परिवार में बेटी को  बेटे के जितना ही समान दिया जाता है।
सीनियर सेकेंडरी के बाद कॉलेज में  ग्रैजुएट की डिग्री करवाते है ।पर मध्यम परिवार में यह इतना आसान नहीं हो पाता ,लड़के को शहर भेज दिया जाता हैं आगे की पढ़ाई के लिये ओर हमारे गाँव में सरकारी नौकरी को बहुत महत्व दिया जाता है । " बेटे शहर में नौकरी की तैयारी कर रहे हैं" परिवार में खुशी ओर गर्व होता हैं पर यह अवसर लड़की को इतने आसानी से नहीं मिल पाता
      बालिका शिक्षा के कम अवसर के कारण 》
बालिका शिक्षा के कम अवसर के कारण बहुत से हो सकते है जेसे -

  • जागरुकता कम होना 
  • शिक्षा को कम महत्व देना 
  • स्कूल ओर कॉलज का दूर होना
  • गांव में कॉलज नहीं होने के कारण शहर के कॉलज मे जाना दूर्गम होना 
  • बालिकाओ के आगे की शिक्षा को जारी रखने को कम महत्व देना
  • रोजगर के अवसर कम होना 
  • टेक्नोलोजी ओर इंटरनेट से दूर रहना ।
  • शिक्षा के सीमित  अवसर होना ।

सरकार बहुत सी योजनाएँ चला रही हैं बालिका शिक्षा कें प्रोत्साहन  हेतु, पर क्या सरकार का ही कर्तव्य हैं हमारा भी प्रयास, कर्तव्य ओर पहली जिम्मेदारी होनी चाहिये ।
• गाँव में शिक्षा का प्रचार-प्रसार हो ।
• गांव को ओर अधिक डिजिटल युग से जोड़ा जाये।
• गाँव में ही रोजगार के अवसर हो ।
• गाँव में ही कॉलेज हो ।
• इंटरनेट के उपयोग के जानकारी हो ।
• इंटरनेट से जुड़कर कोई भी कार्य आसानी से संभव हो सकता हैं इसलिये गांव में इंटरनेट और कम्प्यूटर के जानकारी सभी को मिले ।
हाँ यह कटु सत्य है की गांव में आज भी इंटरनेट का उपयोग नहीं हो रहा ।
मुझे खुशी है की अब बालिका शिक्षा में जागरूकता है बालिकाएं संयव ही जागरूक हैं और शिक्षा के महत्व समझ रही हैं साथ में सभी में भी जागरूकता, सहयोग और प्रयास हो।
धन्यवाद
में B.Sc. 3rd year की छात्रा हूँ
ओर अपनी पढ़ाई में नियमित अध्यनरत हूँ ।
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amavillager.blogspot.com


  










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